पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया, जिस पर राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने इसे राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान व्यक्त किया, जहां उन्होंने कहा कि महाकुंभ का आयोजन सही तरीके से नहीं किया गया है। ममता ने आरोप लगाया कि केवल प्रचार पर जोर दिया गया और गरीबों के लिए कोई सुविधाएं नहीं दी गईं, जबकि अमीरों और VIPs के लिए 1 लाख रुपए तक के टेंट उपलब्ध हैं। उनके बयान के अनुसार, महाकुंभ की तैयारियों में भारी कमी दिख रही है और भगदड़ की घटनाओं में कई लोग मारे गए हैं, जिनके बारे में जानकारी तक नहीं मिल पाई है। इसके पहले, लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी महाकुंभ के बारे में नकारात्मक टिप्पणियाँ कर चुके हैं।
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर अलाहबादिया को उनके अश्लील कमेंट्स के मामले में फटकार लगाई है। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उनकी भाषा अत्यधिक विकृत है और यह सिर्फ अभिभावकों को ही नहीं, बल्कि बेटियों और बहनों को भी शर्मिन्दा करती है। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए अटॉर्नी सॉलिसिटर जनरल से पूछा है कि क्या ऐसे यूट्यूबर्स के खिलाफ कुछ कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इस पूरे मामले ने टेलीविजन और इंटरनेट पर भी काफी चर्चा उत्पन्न की है।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में गंगा-यमुना का पानी स्नान हेतु सुरक्षित नहीं पाया गया, जिसके चलते सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 9 से 21 जनवरी के बीच लिए गए नमूनों में यह स्पष्ट हुआ कि फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा मानक से अधिक थी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। महाकुंभ में 55 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, लेकिन इस रिपोर्ट ने उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को हुई भगदड़ का कारण भी अब सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल की रिपोर्ट के अनुसार, कुंभ स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म में बदलाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। अनाउंसमेंट के बाद जब यात्रियों को अचानक प्लेटफॉर्म बदलने की जानकारी दी गई, तो भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जनरल टिकटों की बिक्री में तीव्र वृद्धि और रेंज में पुलिस की तैनाती की कमी ने भीड़ को नियंत्रित करने में मुश्किलें पैदा कीं।
दिल्ली में बीजेपी विधायक दल की बैठक आज होने वाली है, जिसमें नए मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा। 20 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। बीजेपी ने इस बार 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है और पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री की रेस में कुछ नाम चर्चा में हैं।
इन घटनाओं ने न केवल पश्चिम बंगाल और दिल्ली, बल्कि पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को जन्म दिया है। इससे यह भी पता चलता है कि आने वाले समय में विकास योजनाओं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए और अधिक मेहनत और योजना की आवश्यकता है।