‘वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा’ के नाम से मशहूर अदाकारा मधुबाला की आज 92वीं जयंती है। उनका जन्म 14 फरवरी 1933 को वैलेंटाइन डे पर हुआ था, जो प्रेम का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, मधुबाला अपने जीवन में सच्चे प्रेम की तलाश करती रहीं, जो कभी पूरी नहीं हुई। उनकी छोटी बहन, मधुर ब्रज भूषण ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि मधुबाला का प्रेम जीवन कई जटिलताओं से भरा रहा। उन्हें कई प्रसिद्ध व्यक्तियों से प्यार हुआ, जिसमें डायरेक्टर केदार शर्मा, कमाल अमरोही, प्रेमनाथ, दिलीप कुमार और किशोर कुमार शामिल थे।
मधुबाला का पहला प्यार उनके बचपन के दोस्त लतीफ से था, जिससे उनका संपर्क तब टूटा जब उनका परिवार दिल्ली से मुंबई आया। फिर भी, लतीफ ने मधुबाला के निधन के समय तक उनका दिया गुलाब अपने पास रखा। मधुबाला के मुंबई आने के बाद उन्हें चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करने का मौका मिला और यहीं उनकी मुलाकात केदार शर्मा से हुई। दोनों के बीच थोड़े समय के लिए प्रेम संबंध बने, लेकिन मधुबाला ने जल्दी ही उसे समाप्त कर दिया।
कमाल अमरोही के साथ मधुबाला का प्रेम संबंध गहरा था, लेकिन उनकी पारिवारिक स्थिति ने उन्हें शादी नहीं करने दी। मधुबाला ने प्रेमनाथ के साथ भी एक मुद्दे के कारण दूरी बनाई। ऐसा ही एक नाम दिलीप कुमार का भी है; इनके बीच गहरी प्रेम कहानी थी, लेकिन एक विवाद ने उनके रिश्ते में दरार डाल दी। अंततः उनकी शादी का सपना भी बिखर गया।
किशोर कुमार से शादी के बाद मधुबाला एक बार फिर अपने जीवन की चुनौतियों का सामना कर रहीं थीं। कहा जाता है कि किशोर कुमार ने उनके आखिरी समय में उनका साथ छोड़ दिया। मधुबाला के अंतिम शब्द ‘मैं जीना चाहती हूं, मुझे नहीं मरना है’ इस बात का प्रमाण देते हैं कि वह जीवन में हर हाल में जुड़े रहना चाहती थीं। हाल के समय में मधुबाला की बहन अपनी बायोपिक बनाने की योजना बना रही हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
मधुबाला पर बनने वाली बायोपिक में उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं का चित्रण किया जाएगा, लेकिन इस दौरान दिलीप कुमार और किशोर कुमार से संबंधित कोई विवादित जानकारी नहीं दी जाएगी। मधुर ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं है और बायोपिक को सम्मानजनक बनाना है। मधुबाला की कहानी उनके जीवन के संघर्षों, प्रेम और उत्कृष्टता के बारे में है, और यह दर्शकों को एक नई दृष्टि प्रदान करेगी।