पंजाब पुलिस ने उन गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई करने की योजना बनाई है, जिन्हें अन्य राज्यों की पुलिस ने रिमांड पर लिया था, लेकिन वे वापस पंजाब नहीं लौटे हैं। इसके लिए एक विस्तृत सूची तैयार की गई है जिसमें करीब 46 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। यह कदम उन गैंगस्टरों के खिलाफ उठाया जा रहा है, जो न केवल अपनी अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं, बल्कि जेलों से भी अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। पंजाब पुलिस का यह प्रयास इन अपराधियों को उनकी मूल जगह पर लाने के साथ-साथ उन्हें न्यायपूर्ण प्रक्रिया का सामना करने के लिए बाध्य करने का है।
इस सूची में विभिन्न गैंगों से जुड़े आरोपी शामिल हैं जैसे कि 22 लॉरेंस-गोल्डी बराड़ गैंग, 10 दविंदर बंबीहा लकी पटियाल गैंग, 8 हरविंदर रिंदा-लखवीर लांडा गैंग, और 4-4 जग्गू भगवानपुरिया और हैरी चट्ठा गैंग के सदस्य। इन गैंगों का मुख्य संचालन हत्या, जबरन वसूली और अन्य गंभीर अपराधों में सक्रियता के कारण है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन आरोपियों के जेलों से संचालित अपराधों का ठोस सबूत उनके पास है।
पुलिस ने विभिन्न राज्यों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया है ताकि इन आरोपियों को वापस लाया जा सके। इसके अंतर्गत, उनके खिलाफ महासंग्रह तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जा सके। विशेष रूप से, इन गैंगस्टरों में से कई गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड की जेलों में नजरबंद हैं। इनका एक अन्य कार्य आतंकवादियों को सपोर्ट करना भी सामने आया है, जिससे कानून व्यवस्था के लिए खतरा बढ़ रहा है।
पंजाब पुलिस केवल देश के अंदर इन अपराधियों को पकड़ने की प्रक्रिया में नहीं है, बल्कि अब वह विदेशों में भी छिपे गैंगस्टरों को भारत लाने की योजना बना रही है। हाल ही में इस बात का खुलासा हुआ है कि यूथ अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ़ विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की साजिश रचाने वाले पांच आरोपी विदेश में हैं, उनमें से एक शगुनप्रीत सिंह, जो पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का पूर्व मैनेजर रहा है।
अदालत ने पंजाब पुलिस को इन आरोपियों की पहचान करने और उन्हें प्रत्यर्पित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, नाभा जेल ब्रेक के आरोपी रमनजीत सिंह रोमी को पिछले साल अगस्त में सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित किया गया था। इस प्रकार, पंजाब पुलिस की यह सक्रियता न केवल गैंगस्टरों को दबोचने का प्रयास है, बल्कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। पुलिस ने यह ठान लिया है कि वो किसी भी हाल में अपराधियों को उनके अपराधों का सामना करने के लिए न्यायालय में पेश करेगी।