लुधियाना स्थित ग्यासपुरा इलाके में एक महिला, उसके पति तथा एक अन्य साथी ने एक व्यक्ति के साथ बर्बरता से मारपीट की। आरोपी महिला ने उस व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीटा और बीच सड़क पर उसे थप्पड़ मारे। इस घटना के दौरान कुछ राहगीरों ने मारपीट का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला का आरोप है कि पिछले कुछ समय से उक्त व्यक्ति उसे लगातार फोन कर परेशान कर रहा था। इस संदर्भ में महिला ने शेरपुर पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन पुलिस पहुंचने से पहले ही उस व्यक्ति की बुरी तरह से पिटाई की जा चुकी थी।
महिला का कहना है कि व्यक्ति ने कुछ दिन पहले उसे अपना मोबाइल नंबर दिया था, खुद को एक पत्रकार बताकर। महिला के अनुसार, वह व्यक्ति शराब पीकर उसके घर में घुसने की कोशिश कर चुका था। इससे पहले जब महिला ने इस व्यक्ति को स्पष्ट किया कि यदि उसे कोई मदद चाहिए होगी, तो वह खुद संपर्क करेगी, तब भी व्यक्ति उसकी बात नहीं समझा। महिला ने अपने पति को इस मामले की पूरी जानकारी दी और पुलिस से सहायता मांगी। पुलिस ने महिला को सलाह दी कि वह व्यक्ति के फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग बनाकर रखे।
महिला ने यह भी बताया कि यह व्यक्ति अक्सर उससे मिलने के लिए दबाव डालता था, कभी उसे शॉपिंग करवाने के बहाने बुलाता तो कभी अवैध संबंधों का हवाला देता। वह उसे बार-बार “आई लव यू” कहकर फोन करता था। महिला का कहना है कि आरोपी व्यक्ति को इस बात की जानकारी थी कि उसका पति रात में दुकान पर सोता था। इसके चलते व्यक्ति उसे पैसों का लालच देकर परेशान करता रहा।
घायल व्यक्ति ने घटना के बाद कहा कि उससे मारपीट के मामले में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। उसने बताया कि वह एक न्यूज चैनल में हाल ही में शामिल हुआ है और महिला ने उसे झूठे बहाने से बुलाया था। आरोपी महिला ने कहा कि व्यक्ति उससे पैसे देने से मना कर रहा था, जिसके कारण उसने अपने पति के साथ मिलकर उसे बुलाया और उस पर हमला किया। व्यक्ति ने घटना के संदर्भ में कहा कि उसे खुद भी नहीं पता कि यह घटना क्यों हुई, लेकिन वह सिर्फ जानकारी लेने आया था।
इस स्थिति में शेरपुर चौकी की पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल व्यक्ति को अपनी कार में बैठाकर ले गई। महिला के खिलाफ मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें महिलाओं द्वारा कानून अपने हाथ में लेने का ये एक उदाहरण पेश हुआ है। ऐसे मामले सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाते हैं, जिन पर चर्चा और ध्यान की आवश्यकता है।