जालंधर: लवली बेक स्टूडियो में फर्जी मालिक बन ठगी की साजिश, FIR दर्ज!

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पंजाब के जालंधर में स्थित प्रसिद्ध ‘लवली बेक स्टूडियो’ के साथ ठगी का एक प्रयास सामने आया है। इस घटना के संबंध में थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला उपकार नगर के निवासियों में से एक वादिक श्रीवास्तव के बयानों पर आधारित है, जिसमें उन्होंने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4), 319 (2) और आईटी एक्ट की धारा 62, 66 (डी) और 66 (ई) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच कर रही है।

इस मामले की जानकारी देते हुए, लवली बेक स्टूडियो के कर्मचारी वादिक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें 1 फरवरी 2025 को एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बेकरी का मालिक बताकर बातचीत शुरू की। श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी ने उनकी बातों में आकर उन्हें धोखा देने की कोशिश की। ऐसे में श्रीवास्तव ने इस विषय में अपने मैनेजर को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत इसकी सूचना बेकरी के मालिकों को दी। इसके पश्चात, इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई।

पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के द्वारा उपयोग किए गए फोन नंबर के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू किया है। उन्हें यह देखना है कि वह नंबर किस स्थान से ऑपरेट हो रहा है और यह किस के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जल्दी ही आरोपियों की पहचान कर लिए जाने की उम्मीद है।

जालंधर की इस बेकरी को लेकर यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बन गया है। ठगी के इस प्रयास ने व्यापार जगत में चिंता का विषय उत्पन्न किया है। खासकर जब बात ऐसे प्रतिष्ठित व्यवसाय की हो, जो लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। पुलिस का मानना है कि ठगी के शिकार होने वाले व्यवसायों की सुरक्षा के लिए इस प्रकार के मामलों की जांच करना अत्यंत आवश्यक है।

इस तरह के क्राइम को रोकने के लिए पुलिस विभाग ने जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या गतिविधियों के बारे में तुरंत जानकारी दें। इससे न केवल अपराधों की रोकथाम होगी बल्कि भविष्य में अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकेगा। जालंधर में लवली बेक स्टूडियो जैसे प्रतिष्ठित व्यवसायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी का कर्तव्य है, ताकि वे अपनी सेवाओं को निरंतर जारी रख सकें।