सियोल, 17 सितंबर । उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को खारिज करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार संपन्न देश का दर्जा स्थायी है।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
के मुताबिक, किम यो-जोंग ने गुरुवार को जारी बयान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की मांगों को खारिज किया। उनका बयान ऑस्ट्रिया के वियना में चल रहे आईएईए के 70वें जनरल कॉन्फ्रेंस सत्र के दौरान आया है।
आईएईए सम्मेलन में उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु क्षमताओं पर चिंता जताई गई है। एजेंसी ने प्योंगयांग से परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह, सत्यापन योग्य और स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की है।
सम्मेलन से पहले जारी आईएईए की सेफगार्ड्स रिपोर्ट में उत्तर कोरिया की यूरेनियम संवर्धन क्षमता में बढ़ोतरी और प्रमुख परमाणु सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया गया था।
किम यो-जोंग ने इन मांगों को खारिज करते हुए कहा कि आईएईए और पश्चिमी देशों की बैठकों तथा परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों का उत्तर कोरिया की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
किम यो-जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार संपन्न देश का दर्जा अटल है और इसे किसी बाहरी दबाव से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि देश की परमाणु क्षमता में हुए बदलावों को कोई पीछे नहीं ले जा सकता।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ संभावित शिखर वार्ता में रुचि दिखाई है।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय किम यो-जोंग के बयान पर नजर रख रहा है। अधिकारी के अनुसार, बयान को संभावित अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर वार्ता में परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर प्योंगयांग की स्थिति स्पष्ट करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बीच, उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों (डब्ल्यूएमडी) से निपटने को लेकर हुई हालिया बैठक की आलोचना की।
पिछले सप्ताह हुई संयुक्त डब्ल्यूएमडी काउंटरमेज़र्स कमेटी की वार्षिक बैठक में सियोल और वॉशिंगटन ने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को देखते हुए डब्ल्यूएमडी से संबंधित जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर सहमति जताई थी।
उत्तर कोरिया की ओर से आया यह बयान 2017 में दोनों देशों द्वारा गठित इस निदेशक-स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।