जयपुर, 05 अप्रैल । प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार छह अप्रैल से एक नया मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 13 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है।
इससे पहले शनिवार को भी पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। देर शाम कई जिलों में घने बादल छा गए, तेज हवाएं चलीं और कई जगहों पर बारिश के साथ ओले गिरे।
पिछले 24 घंटों के दौरान जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, बारां, बूंदी, कोटा, टोंक, झालावाड़, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में बारिश हुई। बारां, बूंदी, दौसा, टोंक और श्रीगंगानगर के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है।
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक 32 मिमी (एक इंच से ज्यादा) बारिश हुई। वहीं दौसा के नांगल इलाके में ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम में आए इस बदलाव के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ गई। चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर सहित कई शहरों में पारा सामान्य से नीचे आ गया। इससे शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की गई।
मौसम विभाग के अनुसार पांच अप्रैल को मौजूदा सिस्टम का असर कुछ कम रहेगा, जिससे बारिश की गतिविधियां घट सकती हैं। हालांकि छह अप्रैल से एक नया स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका असर आठ अप्रैल तक देखने को मिलेगा। विभाग ने चार जिलों में ऑरेंज और नौ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। कई मंडियों में खुले में रखी उपज भी भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च-अप्रैल में सामान्यतः इतने अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते, लेकिन इस बार लगातार सिस्टम बनने से मौसम का पैटर्न बदल गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, दिन में बढ़ती गर्मी इन सिस्टम्स को ऊर्जा देती है, जिससे दोपहर बाद ही आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां तेज हो जाती हैं।