ग्रामीण स्वच्छता व जल निकासी मजबूत करने पर सरकार का फोकस : नायब सैनी

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चंडीगढ़, 03 अप्रैल । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीडब्ल्यूडब्ल्यूएमए) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के गांवों में तालाबों तथा अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था की नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांवों के तालाबों से बदबू नहीं आनी चाहिए और घरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी हाल में नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्यों को सुनियोजित एसओपी के तहत संचालित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन तालाबों का निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाए। तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण कार्य भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिले तथा लोग वहां सुबह-शाम भ्रमण कर सकें। हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 6,538 तालाबों को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिनमें से अब तक 2,758 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 1,718 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 484 कार्य प्रगति पर हैं।