लखीमपुर खीरी में 25 गिद्धों की मौत की जांच करने पहुंचे मुख्य वन संरक्षक, घटना स्थल भी देखा

Share

लखीमपुर खीरी, 13 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के भीरा वनरेंज क्षेत्र के सेमरिया गांव में 25 गिद्धों की मौताें को वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को मुख्य वन संरक्षक टाइगर प्रोजेक्ट संजय कुमार पाठक ने डीएफओ खीरी कीर्ति चौधरी के साथ घटनास्थल का दौरा किया। वहीं गिद्धों की मौत के कारण को लेकर उन्होंने बिसरा रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

दोनों ही अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय वनकर्मियों से स्थिति की जानकारी ली। एमडी फॉरेस्ट संजय कुमार ने 25 गिद्धों की मौत को बेहद दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि जब तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत के सही कारणों की जानकारी देना संभव नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि गिद्धों की मौत जहरखुरानी, बीमारी या किसी अन्य वजह से हुई है।

मुख्य वन संरक्षक टाइगर प्रोजेक्ट संजय कुमार पाठक ने डीएफओ खीरी कीर्ति चौधरी को निर्देश दिए कि जिले की सभी फर्टिलाइजर व कीटनाशक दुकानों के लिए आदेश जारी किया जाए। आदेश के तहत कीटनाशक दवा खरीदने वाले हर व्यक्ति या किसान को एक फार्म भरना होगा, जिसमें उसे बताना होगा कि वह कीटनाशक किस कार्य के लिए ले रहा है। दुकानदार बिना फार्म भरे किसी को भी पेस्टीसाइड नहीं देंगे।

अधिकारियों ने कहा कि आशंका है कि खेतों में कीटनाशक युक्त मरे हुए जानवर खाने से गिद्धों की मौत हुई हो। इसलिए कीटनाशकों की बिक्री पर निगरानी जरूरी है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और मरे हुए पशुओं को खुले में न फेंकने की अपील भी की है। फिलहाल वन विभाग विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह 25 गिद्धाें की माैत हाे गयी थी और घटना के बाद से ही वन विभाग इसकी वजह जानने में जुटा हुआ है।