जगदलपुर, 08 अप्रैल । बस्तर के आदिवासी समाज ने क्षेत्र के समग्र विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है। आज बुधवार काे साैंपे गये ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजा गया है।
ज्ञापन में चिंता जताई गई है कि वर्तमान समय में कुछ सामाजिक और धार्मिक प्रभावों के कारण आदिवासी समाज में भ्रम और सांस्कृतिक विचलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसमें कहा गया है कि अशिक्षा और गरीबी का लाभ उठाकर कुछ जगहों पर लोगों को उनके पारंपरिक विश्वासों से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो सकती है। साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में होने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है।
सरकार से कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें आदिवासी संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए विशेष नीतियां बनाना, स्कूलों में स्थानीय इतिहास को शामिल करना और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, कुपोषण उन्मूलन के लिए स्थानीय आहार आधारित योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाने और लघु वनोपज के प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन में सांस्कृतिक संस्थानों की स्थापना, पारंपरिक त्योहारों और कला के संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर समितियों के गठन तथा प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।