सुपौल, 10 अप्रैल । जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंत सिंह के दिशा-निर्देश पर शुक्रवार को सुपौल न्याय मंडल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 09 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाना तथा अधिक से अधिक मामलों का निशुल्क निस्तारण सुनिश्चित करना था। बैठक में सुपौल न्याय मंडल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सभी अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के कार्यालय सहायक के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान संबंधित न्यायालयों के सहायकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक विभिन्न प्रकार के लगभग 3050 सुलहनीय मामलों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 910 मामलों में नोटिस तैयार कर दिया गया है। चिन्हित मामलों में आपराधिक सुलहनीय मामले, बिजली संबंधी मामले, चेक बाउंस के मामले सहित अन्य विवाद शामिल हैं। प्राधिकार के सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने सभी कार्यालय सहायकों एवं पीएलवी को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों की पहचान कर नोटिस समय पर तामील कराएं, ताकि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निशुल्क निस्तारण हो सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कर लोक अदालत को सफल बनाया जाएगा, जिससे आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।