प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने लागू की दैनिक रिपोर्टिंग प्रणाली, मंत्रालयों में बढ़ा काम का दबाव

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काठमांडू, 02 अप्रैल । प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने सिंहदरबार में लंबे समय से जमी सुस्ती और नौकरशाही की जड़ता को तोड़ने के लिए नई रिपोर्टिंग प्रणाली लागू की है। प्रधानमंत्री शाह ने मंत्रियों और उच्च पदस्थ कर्मचारियों को एक ही मानक में रखते हुए निर्देश दिया है कि वे हर दिन के कार्यों का विवरण शाम तक प्रस्तुत करें।

प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय ने सोमवार को सभी मंत्रालयों, विभागों और आयोगों को पत्र भेजकर दिनभर किए गए सभी कार्यों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्य सचिव सुमन राज अर्याल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मंत्रालयों, विभागों एवं अन्य सरकारी निकायों को इस संबंध में पत्र प्राप्त भेजा गया है।

दिनभर के कार्यों का विवरण प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजने के लिए लगभग सभी मंत्रालयों ने ‘फोकल पर्सन’ नियुक्त कर दिए हैं। मुख्य सचिव अर्याल के अनुसार, यह जिम्मेदारी सहसचिव स्तर के अधिकारियों को दी गई है।

सरकार पहले ही सुशासन सुधार से संबंधित 100 बिंदुओं की कार्यसूची सार्वजनिक कर चुकी है। प्रधानमंत्री शाह अब इन बिंदुओं के क्रियान्वयन की दैनिक समीक्षा कर रहे हैं। सरकार के प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कार्य मूल्यांकन का आधार भी इसी को बनाया है।

पोखरेल ने कहा, “प्रधानमंत्री सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। 100 बिंदुओं की सरकारी कार्यसूची के आधार पर सभी मंत्रालयों को अपने काम की प्रगति रिपोर्ट हर शाम मंत्रिपरिषद कार्यालय में देनी होगी, और इसका कार्यान्वयन शुरू हो चुका है।”

फोकल पर्सन बनाए गए सहसचिव अब हर दिन कार्यालय समय समाप्त होने से पहले कार्य विवरण तैयार करने लगे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक दिन किए गए कार्यों की रिपोर्ट शाम तक प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘टास्क’ निर्धारित कर पत्र जारी करने के बाद मंत्री भी अपने कार्य प्रदर्शन को लेकर सक्रिय हो गए हैं। कुछ मंत्री तो कार्यालय समय से पहले ही सिंहदरबार पहुंचने लगे हैं।