भोपाल, 01 अप्रैल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि समृद्धि और बुनियादी अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी गई है।
जनसम्पर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि बजट में लाडली बहना जैसी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के लिये पर्याप्त बजट का प्रावधान करते हुए किसानों को राहत, ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विस्तार और शिक्षा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही आगामी सिंहस्थ:2028 की तैयारियों के लिये भी अभी से बड़े बजटीय प्रावधान कर प्रदेश के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को गति देने का प्रयास किया गया है।
महिला सशक्तिकरण पर फोकस
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए बजट में 23,883 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपये तथा सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 3,863 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह प्रावधान महिला एवं बाल स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
किसानों के लिए राहत और सुविधाओं का विस्तार
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र को सशक्त करने के लिए भी बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 13,914 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 5 हॉर्स पॉवर तक के कृषि पंपों और एक बत्ती कनेक्शन के लिए निःशुल्क बिजली सुविधा की प्रतिपूर्ति के लिये 5,276 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5,501 करोड़ रुपये तथा प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना को नई गति
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी सरकार ने बड़े बजटीय प्रावधान किए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 6,850 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे हर गरीब परिवार को पक्की छत मिल सकेगी। ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए लगभग 2968 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो परियोजनाओं के लिये 656 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए 4,454 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
उन्होंने बताया कि भविष्य की पीढ़ी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक शिक्षा के लिए 11,444 करोड़ रुपये तथा समग्र शिक्षा अभियान के लिए 5,649 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नेशनल हेल्थ मिशन के लिए 4,600 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान भारत को मजबूत करने के लिए भी पर्याप्त बजट दिया गया है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति
जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी सरकार ने अहम कदम उठाया है। उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ‘वेदान्त पीठ’ की स्थापना के लिए 750 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 2,550 करोड़ रुपये का निवेश प्रोत्साहन पैकेज तथा एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार’ योजना के तहत 10,428 करोड़ रुपये का बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 सामाजिक सुरक्षा, कृषि समृद्धि और अधोसंरचना विकास के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।