नई दिल्ली, 01 अप्रैल । केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि देश में बंजर वनों के पौधरोपण में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर इकाइयों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए ग्रीन क्रैडिट प्रोग्राम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रीन क्रैडिट प्रोग्राम के अन्तर्गत कवर किये जाने वाले बंजर वनों की भूमि का चयन राज्य सरकार का वन विभाग मौके की परिस्थिति के अनुसार करता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने यह जानकारी राज्य सभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को सदन में दी।
उन्होंने बताया कि अभियर्थियों द्वारा बंजर वनों में पौधरोपण और हरियाली को विकसित करने के प्रयासों के पांच साल बाद ग्रीन क्रैडिट के लिए क्लेम किया जा सकता है तथा ग्रीन क्रैडिट क्लेम करने के लिए उस बंजर क्षेत्र में वनों की परत 40 प्रतिशत तक होनी चाहिए तथा क्षेत्र हरे भरे पेड़ों से कवर होना चाहिए।
उन्होंने सांसद इंदु गोस्वामी को बताया कि ग्रीन क्रैडिट कार्यक्रम के अन्तर्गत क्षेत्र में किये गए पौधरोपण को विकसित करने के लिए पांच साल की अवधि तय की गई है ताकि वहां हरियाली की उचित परत विकसित हो सके।
उन्होंने बताया कि बंजर वनों को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किये गए इस ग्रीन क्रैडिट कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधिता को बढ़ाने और वन संसाधनों की पर्यावरणीय सेहत और उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इण्डियन कॉउन्सिल ऑफ़ फॉरेस्टरी रिसर्च एंड एजुकेशन देहरादून को इस कार्यक्रम का प्रशासक नियुक्त किया गया है।