जगदलपुर, 06 अप्रैल । बस्तर जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए सोमवार 6 अप्रैल को कृषि विभाग के गुण नियंत्रण उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस सघन जांच अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार निरीक्षण की इस कड़ी में उड़नदस्ता दल ने कुल 10 प्रमुख खाद केंद्रों की जांच की, जिसमें रिकॉर्ड में विसंगति और विक्रय नियमों की अनदेखी पाए जाने पर 7 केंद्रों की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन केंद्रों में बकावण्ड विकासखंड का जितेन्द्र पानीग्राही कृषि केन्द्र (उलनार), शिवाय कृषि केन्द्र जगदलपुर व सेठिया कृषि केन्द्र जगदलपुर, बस्तर विकासखंड के दीवान कृषि केन्द्र (लामकेर) सहित सालेमेटा के बघेल ट्रेडर्स व बघेल कृषि ट्रेडिंग और रिन्टू कृषि केन्द्र लोहण्डीगुड़ा शामिल हैं। इन सभी संस्थानों में मिली खामियों को देखते हुए आगामी आदेश तक खाद की बिक्री रोक दी गई है।
कार्रवाई के दौरान केवल प्रतिबंध ही नहीं बल्कि स्पष्टीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई गई है। प्रशासन ने लामकेर स्थित कुंवर और शंकर कृषि केन्द्र के साथ-साथ तारापुर के दक्ष कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में इस प्रकार के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि उर्वरकों की कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।