नई दिल्ली, 13 अप्रैल । इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज के शेयर आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करने में सफल रहे। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग के कारण हुई बिकवाली की वजह से ये शेयर गिर कर लाल निशान में पहुंच गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 80 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 3.75 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 83 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से कंपनी के शेयर उछल कर 84.40 रुपये के स्तर तक पहुंचे। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसके कारण इस शेयर के भाव में गिरावट आ गई। दोपहर 11:15 बजे तक कारोबार होने के बाद सेफ्टी कंट्रोल्स के शेयर 79.16 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 1.05 प्रतिशत का नुकसान हो चुका था।
सेफ्टी कंट्रोल्स का 48 करोड़ रुपये का आईपीओ छह से आठ अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.28 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.31 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.45 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.76 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 60 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 43 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.01 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 8.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 49.26 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 45.70 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 103.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 68.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 18.52 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 29.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 33.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 39.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 12.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 17.48 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 42.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 54.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.98 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 28.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 40.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.27 करोड़ रुपये और 2024-25 में 17.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 16.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था।