जयपुर, 04 अप्रैल । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को हरित बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ‘हरियालो राजस्थान’ राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में आगामी मानसून सीजन में 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और पौधारोपण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और मुख्य सचिव स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पौधारोपण अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस से होगी, जबकि जुलाई, अगस्त और सितंबर में इसे व्यापक स्तर पर गति दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग पहले से स्थान चयन, गड्ढे तैयार करने और फेंसिंग जैसे कार्य समय पर पूरे कर लें।
शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग के सहयोग से उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाए।
साथ ही भारतीय रेलवे के साथ समन्वय कर रेलवे परिसंपत्तियों पर भी पौधारोपण किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग को प्रमुख सड़कों और चारागाह भूमि पर वृक्षारोपण की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मिट्टी की उत्पादकता के अनुरूप पौधारोपण करने और विशेष रूप से गूलर जैसे वृक्षों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएसआर के माध्यम से पौधों की सिंचाई के लिए टैंकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा ‘वृक्षमित्रों’ की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान’ के तहत किसानों को निःशुल्क फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
साथ ही उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा जिलों में चंदन वन विकसित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा, जिसमें ड्रिप सिंचाई और तारबंदी जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में ‘नमो नर्सरी’ स्थापित करने और पंचायत समिति स्तर पर ‘नमो वन’ विकसित करने की योजना को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पहाड़ी और वन क्षेत्रों में ड्रोन सीडिंग तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा देने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत वर्ष 2024 से 2028 तक कुल 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2024 में 7.22 करोड़ और 2025 में 11.74 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्यों से अधिक है।
बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, आनंद कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।