यमुनानगर की युवती ने भगवान श्रीकृष्ण को माना जीवनसाथी

Share

यमुनानगर, 10 मार्च यमुनानगर में एक अनोखा और आध्यात्मिक विवाह समारोह चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की युवती इशिका ने भगवान श्रीकृष्ण(ठाकुर जी) को अपना जीवनसाथी मानते हुए पारंपरिक वैदिक विधि से विवाह किया। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए इस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, रिश्तेदार और स्थानीय लोग शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार, विवाह से पहले तीन दिनों तक विभिन्न पारंपरिक रस्में आयोजित की गईं। रविवार को हल्दी और सोमवार को मेहंदी की रस्म अदा की गई, जबकि मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार संपन्न हुआ। समारोह में दूल्हे के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को बारात के साथ लाया गया। बारात शहर के एक स्थान से निकली और भजन-कीर्तन तथा धार्मिक उत्साह के बीच इशिका के घर पहुंची, जहां परिजनों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। विवाह की सभी रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गईं। इस दौरान इशिका के माता-पिता राजेश कुमार और पूजा ने कन्यादान की रस्म निभाई। वहीं सर्व जागरूक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल और उनके पति विशाल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के पक्ष की ओर से अभिभावक की भूमिका निभाई गई। परिजनों के अनुसार, इशिका बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण(ठाकुर जी) की भक्ति में रुचि रखती हैं और नियमित रूप से पूजा-अर्चना करती रही हैं।

उन्होंने स्नातक तक की शिक्षा यमुनानगर में प्राप्त की है और वर्तमान में सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हुई हैं। समारोह में शहर के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल अपनी धर्मपत्नी के साथ समारोह में पहुंचे और इशिका को आशीर्वाद दिया।विवाह वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले विद्वान आचार्य ने बताया कि इस प्रकार का विवाह आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है, जिसमें भक्त अपने जीवन को ईश्वर की भक्ति और सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेता है। इस अनोखे विवाह समारोह को लेकर शहर में व्यापक चर्चा रही।