स्वामी रामानुज सरस्वती बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर

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हरिद्वार, 30 मार्च । सिद्ध पीठ आनंद वन समाधि के परमाध्यक्ष स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया। ब्रह्मलीन स्वामी प्रेमानंद सरस्वती महाराज की 36वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में यह घोषणा की गई।

सिद्ध पीठ आनंद वन समाधि में आयोजित समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने की। इस दौरान सभी तेरह अखाड़ों के संतों ने चादर विधि के साथ स्वामी रामानुज सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया। पट्टाभिषेक के बाद संत समाज ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर पद अत्यंत गरिमामयी होता है और स्वामी रामानुज सरस्वती एक विद्वान संत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वे निरंजनी अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने आगामी हरिद्वार कुंभ मेले को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों का भी उल्लेख किया।

नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि संत समाज सनातन धर्म को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और स्वामी रामानुज सरस्वती इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके योगदान की अपेक्षा जताई। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज किशोर सिन्हा ने संतों के सानिध्य को जीवन में सकारात्मकता का स्रोत बताया।

समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी आदियोगी पुरी, मेयर किरण जैसल, महंत बलवंत सिंह, महंत देवानंद सरस्वती, महंत राज गिरी, महंत महेश पुरी, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, भक्त दुर्गादास, महंत केदारपुरी, महंत शुभम गिरी, महंत गंगादास, स्वामी सतीश वन, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, महंत अरुण दास, स्वामी सुरेश मुनि एवं महंत रूपेंद्र प्रकाश सहित अनेक संत-महापुरुष उपस्थित रहे।