अनपपुर: पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप

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अनूपपुर, 10 मार्च । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम ताराडांड निवासी चैतू सिंह ने पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पुलिस पर सरकारी पद के दुरुपयोग और अपराध छिपाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी भी तय करने की गुहार लगाई है। ज्ञात हो कि पीड़ित ने इसकी शिकायत अनूपपुर अजाक थाने में की थी दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रि्पोर्ट नहीं लिखी गई हैं। आजाका पुलिस के अनुसार अभी तक डॉक्टर की रिपोर्ट नहीं मिली हैं।

चैतू सिंह, जो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और अपनी भूमि पर खेती करते हैं, 26 दिसंबर 2025 को दोपहर 3-4 बजे के बीच वे अपने खेत के पास बिजली के खंभे पर सुधार कार्य कर रहे थे। उसी दौरान मंजू गौतम ने उन्हें जातिसूचक व अपमानजनक गालियां दीं। इसके बाद लल्लू गौतम और उनके पुत्र प्रशांत गौतम भी वहां आए और तीनों ने मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के कारण चैतू सिंह बेहोश हो गए।

पीड़ित के अनुसार, लल्लू गौतम ने 112 पर कॉल किया। मौके पर पहुंचे 112 वाहन में प्रदीप गौतम (चालक) और एक अन्य आरक्षक मौजूद थे। चैतू सिंह ने आरोप लगाया कि इन पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें उपचार दिलाने के बजाय मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी जेहर सिंह ने पूरी घटना देखी और बाद मंद चैतू सिंह को होश में लाकर जिला चिकित्सालय अनूपपुर में कराई गई जांच में चैतू सिंह की पसली टूटने और गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गईं। पीड़ित ने बताया कि भय, पीड़ा और मानसिक तनाव में हैं। यह भी बताया कि पूर्व में आरोपियों के खिलाफ अजाक थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं।

अप्रिय घटना की दी चेतावनी

चैतू सिंह ने अपनी शिकायत में बताया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय या जानलेवा घटना घटित होती है, तो उसके लिए लल्लू गौतम, प्रशांत गौतम, मंजू गौतम, प्रदीप गौतम (112 वाहन चालक) और 112 वाहन में उपस्थित अज्ञात आरक्षक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, गवाह ज़ेहर सिंह को प्रकरण में दर्ज करने तथा उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

अजाक थाना प्रभारी उदित नारायण मिश्रा ने बताया कि मै एक माह के अवकाश में था, डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार हैं। जैसे ही रिपोर्ट व एक्स-रे प्राप्त होगा इसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जायेगी।