टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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जौनपुर,12 मार्च । यूपी के जौनपुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता के विरोध में यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन (यूटा) के बैनरतले गुरुवार को शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस में जिले भर से सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लेकर सरकार से पुराने शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग उठाई।

मशाल जुलूस रोडवेज तिराहा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक पहुंचा, जहां सभा के बाद शिक्षकों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत टेट की अनिवार्यता से राहत देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह को सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने हाथों में मशाल और बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया।

जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपना उनकी योग्यता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, उनकी क्षमता को केवल एक परीक्षा के आधार पर आंकना उचित नहीं है। जिला मंत्री लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि नियुक्ति के समय जो योग्यताएं निर्धारित थीं, उसके बाद सेवा के दौरान नए नियम लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

वहीं वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रेश यादव ने कहा कि 10 से 15 वर्षों से बेसिक शिक्षा की नींव मजबूत करने वाले शिक्षकों को मानसिक तनाव में डालना उचित नहीं है। जिला कोषाध्यक्ष डॉ. आशीष सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों को तनाव नहीं बल्कि सहयोग की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संचालन जिला संयुक्त मंत्री डॉ. प्रदीप सिंह ने किया। जुलूस में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।