सिटी पैलेस से तालकटोरा तक निकली बूढ़ी गणगौर की शाही सवारी

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जयपुर, 22 मार्च । राजस्थान की समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत नजारा रविवार शाम बूढ़ी गणगौर की शाही सवारी में देखने को मिला। सिटी पैलेस से रवाना हुई गणगौर माता की सवारी त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार से होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क तक पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी रही।

शाही सवारी में 30 से अधिक पारंपरिक लवाजमे और करीब 200 लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सवारी के त्रिपोलिया गेट से बाहर निकलते ही जयकारों की गूंज सुनाई दी, वहीं महिलाएं सिर पर कलश लेकर पीछे-पीछे चलती नजर आईं।

सवारी से पूर्व कच्ची घोड़ी, गैर नृत्य और कालबेलिया नृत्य सहित विभिन्न लोक कलाओं की प्रस्तुतियां दी गईं। अलवर के भपंग वादकों ने राजस्थानी धुनों से वातावरण को और जीवंत बना दिया।

सवारी में हाथी, घोड़े, ऊंट और बैलगाड़ियों के साथ जयपुर पूर्व राजपरिवार का शाही काफिला भी शामिल रहा। हाथियों पर पचरंगा ध्वज और चांदी की गदा विशेष आकर्षण रहे। एक हाथी द्वारा विदेशी पर्यटक को सूंड से आशीर्वाद देने का दृश्य भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना।

देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में लोग इस पारंपरिक आयोजन को देखने पहुंचे और रंग-बिरंगी झांकियों व लोक संस्कृति की झलक को अपने कैमरों में कैद किया।

पूरे मार्ग में उत्सवमय माहौल बना रहा और जयपुर की सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला।