सरकार ने हाईकोर्ट को दिया आश्वासन, जुलाई से पहले स्कूलों का करा लेंगे सेफ्टी सर्टिफिकेशन

Share

जयपुर, 20 मार्च । राजस्थान हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रदेश की सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों से जुड़े मामले में कहा गया कि आगामी जुलाई माह से पूर्व स्कूलों का सेफ्टी सर्टिफिकेशन करा लिया जाएगा। इस पर अदालत ने कहा कि यदि सर्टिफिकेट गलत मिला तो कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आम आदमी अपना मकान 25 लाख रुपए में बना लेता है, लेकिन सरकार बनाती है तो डेढ करोड रुपए खर्च हो जाते हैं। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार देखे की लोगों को सहयोग के लिए कैसे जोडा जा सकता है।

जस्टिस महेन्द्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने यह मौखिक टिप्पणी मामले में लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एक शिक्षक बता रहा था कि रकूल में रिकॉर्ड रखने के लिए अलमारी नहीं है, लेकिन सहयोग से अलमारी का जुगाड़ हो गया। ऐसे में इच्छाशक्ति हो तो सब कुछ संभव है। राज्य सरकार स्कूलों की लिस्ट सार्वजनिक करे तो देने वाले अपने आप आ जाएंगे। खंडपीठ ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि कोई भी स्कूल सेफ्टी ऑडिट के बिना नहीं चलेगा। इस पर खंडपीठ के समक्ष एक कमेटी बनाए जाने की बात आई। जिस पर खंडपीठ ने कहा कि एक लाख स्कूलों में कमेटी नहीं जा सकती।

इस दौरान एजी राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में कमेटी बनाने का प्रावधान है, उसी से करा लेंगे। खंडपीठ ने एजी से कहा कि जुलाई आने वाली है। ऐसे में स्कूलों की रंगाई-पुताई हो और वे सुरक्षित भी हों। जवाब में एजी ने कहा कि जुलाई से पहले स्कूलों का सेफ्टी सर्टिफिकेशन करा लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से नए भवनों की जानकारी, कमरों की मरम्मत, नए कमरों के निर्माण, शौचालय बनाने और अगले साल 859 स्कूल भवन बनाने की भी जानकारी दी।