सारण, 14 मार्च । जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छपरा संग्रहालय में प्रमण्डल स्तरीय विचार गोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सारण व सिवान के जिलाधिकारियों और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सारण जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य समाज के सभी अंगों के सामूहिक समन्वय पर निर्भर है। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया के दौर में बच्चों के स्क्रीन टाइम और कंटेंट की निगरानी पर बल दिया। वहीं सिवान जिलाधिकारी ने स्कूलों में बच्चों के व्यवहार की निरंतर मॉनिटरिंग में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बच्चों को गलत प्रवृत्तियों से बचाने को समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताया। कार्यशाला का निष्कर्ष रहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक और यूनिसेफ के प्रतिनिधि सहित प्रमण्डल के कई अधिकारी उपस्थित थे।