काठमांडू, 25 मार्च । ईरानी सुरक्षा बलों के नियंत्रण में रखे गए नेपाली नागरिक अमृत झा से मुलाकात कर वास्तविक स्थिति जानने के लिए विदेश मंत्रालय ने पहल शुरू की है। यह पुष्टि हुई है कि उन सहित सात लोगों को हॉर्मुज स्ट्रेट से कुछ दूर स्थित केसन द्वीप से ईरानी सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया । इनमें से तीन लोग अभी भी हिरासत में हैं।
अमृत का परिवार वर्तमान में उदयपुर के त्रियुगा नगरपालिका, गाईघाट में रह रहा है। दुबई की एक शिपिंग कंपनी में कार्यरत 30 वर्षीय अमृत को गिरफ्तार किए जाने का कारण और तिथि अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि उनके बारे में आवश्यक जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी ईरान में नेपाल के अवैतनिक महावाणिज्यदूत को दी गई है।
विदेश मंत्रालय को प्राप्त दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं है कि अमृत को कब गिरफ्तार किया गया। प्रवक्ता लोकबहादुर क्षेत्री पौडेल ने कहा, “यह पुष्टि हुई है कि अमृत को ईरानी सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है, लेकिन उन्हें हिरासत में रखने के कारण स्पष्ट नहीं हैं और गिरफ्तारी की तिथि को लेकर भी भ्रम बना हुआ है।”
उन्होंने कहा, “यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें हाल के युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया या उससे पहले ही। इस बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश जारी है।” कतर स्थित नेपाली दूतावास ईरान में अवैतनिक महावाणिज्यदूत के माध्यम से अमृत के बारे में जानकारी जुटाने और उनके परिवार से संपर्क कराने का काम कर रहा है।
उनके अनुसार, 25 दिसंबर को ओमान के समुद्र से जहाज रवाना हुआ था, जिसमें सात लोग सवार थे। हिरासत में लिए गए लोगों में से चार को उसी समय रिहा कर दिया गया था, जबकि अमृत और दो भारतीय नागरिक अभी भी हिरासत में हैं।
अमृत और दो भारतीय नागरिकों को केसन द्वीप से हॉर्मुज क्षेत्र के अब्बास बंदरगाह स्थित जेल में स्थानांतरित किया गया है। उनकी रिहाई के लिए नियोक्ता कंपनी ब्लैक सी मरीन एलएलसी ने ईरान में वकील नियुक्त कर अदालत में याचिका दायर की है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित यह कंपनी कच्चे तेल के परिवहन का ठेका लेती रही है।
वैदेशिक रोजगार विभाग के अनुसार, अमृत 19 जुलाई 2024 को सीमैन पद के लिए श्रम स्वीकृति लेकर यूएई गए थे। परिवार द्वारा कौंसुलर विभाग में दर्ज आवेदन के अनुसार, वे कंपनी के जहाज से दुबई से ईरान गए थे। अमृत की बहन पूजा ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें एक वॉइस मैसेज मिला, जिससे पता चला कि उनका भाई ईरान की जेल में है।