पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है।
प्रतियोगिता
में विश्वविद्यालय के चार छात्र हाउस-कंचनजंगा हाउस, नंदा देवी हाउस, कामेत हाउस और
एवरेस्ट हाउस ने उत्साह के साथ भाग लिया। सभी मैच प्रति पारी आठ ओवर के प्रारूप में
खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कड़े और रोमांचक मुकाबलों के
बाद नंदा देवी हाउस ने प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की। विजेता टीम के कप्तान साहिल
सिंह को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया, जबकि जतिन को उदीयमान खिलाड़ी घोषित
किया गया।
कार्यक्रम
के दौरान शनिवार काे कुलपति ने पहला मैच उद्घाटन गेंद खेलकर शुरू किया। अपने संबोधन में उन्होंने
कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है और प्रत्येक नागरिक
का कर्तव्य है कि वह प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने बताया कि
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन और टीमवर्क की भावना विकसित करने का अवसर
प्रदान करते हैं।
इस अवसर
पर भारतीय पहलवान सरिता मोर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह
बढ़ाते हुए खेलों में निरंतर मेहनत और अनुशासन की महत्ता बताई। प्रतियोगिता के सफल
आयोजन में योग कोच विकास लाठर, क्रिकेट कोच अमित सरोहा और संजय गोयत का विशेष योगदान
रहा। डीन छात्र कल्याण विवेक कुमार सिंह, सहायक निदेशक खेल चेतन शर्मा और इंट्राम्यूरल
निदेशक संदीप कुमार सहित विश्वविद्यालय का शिक्षण और कोचिंग स्टाफ मौजूद रहा। विद्यार्थियों
की बड़ी भागीदारी और खेल भावना ने पूरे आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।