मप्रः साल की पहली नेशनल लोक अदालत आज, 1388 खंडपीठों में होगी 5 लाख प्रकरणों की सुनवाई

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भोपाल, 14 मार्च । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार, मध्य प्रदेश में आज शनिवार को उच्च न्यायालय से लेकर जिला एव तहसील न्यायालयों में साल 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश भर में 1388 पीठ बनाई गई है. जिनमें पांच लाख से अधिक प्रकरणों की सुनवाई होगी।

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि “नेशनल लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय से लेकर जिला न्यायालयों, तालुका न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, कुटुंब न्यायालयों व अन्य न्यायालयों में किया जाएगा। इसमें कोर्ट में लंबित दीवानी और आपराधिक शमनीय प्रकरणों के साथ ही ट्रैफिक चालान, बैंक, विद्युत, श्रम, जलकर और संपत्तिकर से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत के लिए पूरे प्रदेश में कुल 1388 खंडपीठों का गठन किया गया है। इनमें उच्च न्यायालय की तीन पीठों में आठ खंडपीठ और जिला न्यायालयों में 1380 खंडपीठ शामिल है। इन खंडपीठों के समक्ष लगभग दो लाख 30 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों और तीन लाख 20 हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों को विचार के लिए रखा गया है।

लोक अदालत की विशेषता यह है कि इसमें प्रकरणों का निराकरण आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जाता है। मामलों के निराकरण पर पक्षकारों को कोर्ट फीस भी वापस मिलती है और इसमें किसी भी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, साथ ही लोक अदालत के निर्णय के खिलाफ किसी प्रकार की अपील या रिवीजन का प्रावधान नहीं होता।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने सभी पक्षकारों से अपील की है कि जो लोग अपने न्यायालयीन या प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी समझौते से समाधान कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय, हाईकोर्ट, लीगल सर्विस कमेटी (विधिक सेवा समिति) या डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस कमेटी (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) से संपर्क करें, ताकि उनके मामलों का निराकरण इस नेशनल लोक अदालत में किया जा सके।