ग्वालियर, 05 मार्च । जिले के जिन तालाबों के कैचमेंट एरिया (जल आवक क्षेत्र) में कोई रुकावट या अतिक्रमण है तो उसे प्रमुखता से हटाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान इस काम को प्रमुखता से अंजाम देने के निर्देश दिए हैं। इसलिए इस कार्य में कोई ढ़िलाई न हो।
यह निर्देश गुरुवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की कलेक्टर रुचिका चौहान ने जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारी के सिलसिले में बुलाई गई बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत भी मौजूद थे।
कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त व जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, जलाशयों के कैचमेंट एरिया की रुकावट हटाने, जल स्त्रोतों के समीप रीचार्ज संरचनाओं का निर्माण, नालों की सफाई, पुराने कुँओं व बावड़ियों के जीर्णोद्धार सहित जल संरक्षण व संवर्धन से संबंधित अन्य कार्यों को प्रमुखता से शामिल करें। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्ययोजना में पिछले साल की तरह बड़े पैमाने पर खेत तालाबों व अमृत सरोवरों का निर्माण, पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार व हैंडपंपों के किनारे सोकपिट, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्यों को इस साल की जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
विदित हो पिछले साल जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले में लगभग 930 खेत तालाब बनाए गए थे। बैठक में कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्रभावी ढंग से शिविर आयोजित करने के निर्देश भी बैठक में दिए। साथ ही कहा कि निराकरण का ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य अपलोड किया जाए।
नरवाई प्रबंधन में गौशालाओं को भागीदार बनाया जायेगा
ग्वालियर जिले में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप नरवाई प्रबंधन में गौशालाओं को भागीदार बनाया जायेगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने गौशालाओं को नरवाई काटने व उससे भूसा बनाने वाले उपकरण खरीदवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि हार्वेस्टर व ट्रेक्टर के साथ स्ट्रारीपर उपकरण लगाकर नरवाई काटी जा सकती है। इससे खेतों में ही नरवाई जलाने की जरूरत नहीं रहती। कलेक्टर ने कृषि सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को नरवाई जलाने से होने वाली हानियां और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
जनभागीदारी से जिले के हर शहर व बड़े कस्बों में प्याऊ लगवाएं
ग्रीष्म ऋतु के दौरान व्यापक स्तर पर पेयजल प्याऊ स्थापित कराने के संबंध में दिए गए निर्देशों के पालन में ग्वालियर जिले में भी पिछले साल की तरह व्यापक स्तर पर प्याऊ स्थापित कराई जायेंगीं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम सहित जिले की सभी नगर पालिका / नगर परिषदों में जनभागीदारी से पर्याप्त प्याऊ शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। पिछले साल जिले में 450 से अधिक प्याऊ ग्रीष्म ऋतु के दौरान संचालित रहीं थीं।