चिट्टा तस्करी के दोषी को एक वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार जुर्माना

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धर्मशाला, 05 मार्च । पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के सौदागरों के विरुद्ध अपनाई गई “जीरो टॉलरेंस” नीति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप एक चिट्टा तस्कर को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी इंदौरा की अदालत ने वीरवार को यह फैसला सुनाया है।

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के अंतर्गत संजीव कुमार उर्फ प्रिंस पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर 3, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को 3.90 ग्राम हैरोइन/चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम द्वारा मामले की गहन जांच अमल में लाई गई और पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आज चिट्टा तस्कर संजीव कुमार को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं जुर्माना न भरने की सूरत में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि दोषी संजीव कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध डमटाल और इंदौरा क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब की तस्करी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।