रांची के कांग्रेस भवन में मनाई गई कांशीराम की 92वीं जयंती

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रांची, 15 मार्च । रांची स्थित कांग्रेस भवन में रविवार को समाज सुधारक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की 92वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रभारी राहुल राज ने कहा कि कांशीराम ने समाज के दबे-कुचले और वंचित वर्गों को संगठित कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त धारा खड़ी की और उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय तथा समानता की लड़ाई को मजबूती प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए झारखंड प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष केदार पासवान ने कहा कि कांशीराम का जीवन संघर्ष, त्याग और सामाजिक चेतना का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को न केवल आवाज दी, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ने की ताकत भी दी। उन्होंने सभी लोगों से कांशीराम के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कांग्रेस के मीडिया चेयरमेन सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि कांशीराम ने समाज में जागरूकता और संगठन की जो मशाल जलाई, वह आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित कर रही है। वहीं कांके के विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि कांशीराम ने सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को नई दिशा दी और उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रशांत किशोर ने कहा कि कांशीराम ने समाज के वंचित वर्गों को आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई के लिए जागरूक किया। उनके विचार आज भी समाज को संगठित और मजबूत बनाने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम का संचालन अनुसूचित जाति विभाग, रांची महानगर के अध्यक्ष राजू राम ने किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम का जीवन समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है और उनके विचारों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग जवाहर लाल, प्रदेश सचिव विजय राम, पिंटू तुरी सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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