औद्योगिक गैस आपूर्ति बाधित, एमएसएमई पर असर की आशंका

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बरेली, 17 मार्च । औद्योगिक गैस/एलपीजी आपूर्ति में आई हालिया रुकावट को लेकर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) बरेली चैप्टर की कार्यकारिणी समिति की बैठक सोमवार रात को होटल कासा डिवाइन में हुई। बैठक की अध्यक्षता चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी ने की, जबकि संचालन सचिव रजत मेहरोत्रा ने किया।

बैठक में एमएसएमई इकाइयों को गैस आपूर्ति में आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि मौजूदा समस्या गैस की वास्तविक कमी से ज्यादा लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान की प्रतीत होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के समन्वय से जल्द समाधान निकल जाएगा।

चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई पुख्ता सूचना नहीं है कि गैस संकट के कारण किसी औद्योगिक इकाई को बंद करना पड़ा हो। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि यदि आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है तो इसकी जानकारी आईआईए को दें, ताकि सामूहिक रूप से मामला सरकार के समक्ष उठाया जा सके।

बैठक में बताया गया कि गैस आधारित भट्टियों और हीटिंग सिस्टम पर निर्भर उद्योग—जैसे पैकेजिंग, प्लास्टिक व एक्सट्रूज़न, ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इंजीनियरिंग वर्कशॉप, बेकरी और कांच-चूड़ी उद्योग—इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। वैकल्पिक रूप में इंडक्शन आधारित भट्टियां और अन्य विद्युत विकल्प आंशिक राहत दे सकते हैं, हालांकि उनकी व्यवहारिकता बिजली की लागत और तकनीकी उपयुक्तता पर निर्भर करेगी।

आईआईए ने दीर्घकालिक समाधान के लिए आईआईटी रुड़की, बीएचयू वाराणसी और आईएसएम धनबाद जैसे संस्थानों से तकनीकी परामर्श लेने की पहल भी शुरू की है, जिससे गैस खपत कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा विकल्प विकसित किए जा सकें।

कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि आपूर्ति बाधित रहने से एमएसएमई के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अंत में सचिव रजत मेहरोत्रा ने सभी सदस्यों का आभार जताया। बैठक में करीब 50 उद्यमी मौजूद रहे।