मुरैना, 13 मार्च । मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इफको के सहयोग से मुरैना जिले में 15,16 और 17 मार्च को विशाल नेत्र शिविर आयोजित किए जा रहें है। इस शिविर का अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं और अपनी नई रोशनी पाएं। आँखों की रोशनी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और जब हमारे किसान स्वस्थ रहेंगे, तभी खेतों में पूरी ऊर्जा के साथ कार्य सकेंगे।
ये बात उन्होंने शुक्रवार को पुलिस परेड ग्राउंड मुरैना में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। इसके साथ ही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको नई दिल्ली के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि खेती के उत्पादन में वृद्धि हो, यह समय की आवश्यकता है। खेती तभी साकार होगी, जब किसान की आंखे सही होंगी। इसके लिए जिला प्रशासन और इफको के सहयोग से तीन दिवसीय विशाल नेत्र शिविर जिला चिकित्सालय मुरैना में आयोजित किया जा रहा है। शिविर का अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि नेत्र शिविर में जरूरतमंद लोग आंखों की जांच कराएं और नई रोशनी पाएं।
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि 14 मार्च को सिविल हॉस्पीटल अंबाह, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोरसा, आसमानी माता मंदिर ग्राम ओरेठी पोरसा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र किर्रायच, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुमावली और जिला चिकित्सालय मुरैना में जांच शिविर प्रातः 9 बजे से सायं 4:30 बजे तक होंगे।
इसी प्रकार 15 मार्च को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जौंहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दिमनी, सिविल हॉस्पीटल खडि़याहार, सिविल हॉस्पीटल बानमौर और जिला चिकित्सालय मुरैना में जांच शिविर प्रातः 9 से सायं 4ः30 बजे तक होंगे। 16 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सबलगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कैलारस, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहाडगढ़, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रिठौराकलां और जिला चिकित्सालय मुरैना में प्रातः 9 से सायं 4ः30 बजे तक जांच की जाएंगी। इसके बाद चयनित ऑपरेशन के मरीजों को जिला चिकित्सालय लाकर 15,16 और 17 मार्च को निःशुल्क ऑपरेशन किए जायेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुंचाने के साथ ही विभिन्न विकासखण्डों में शिविर लगाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आंखों की निःशुल्क जांच की जाएगी और जिन लोगों को मोतियाबिंद की समस्या होगी, उनका निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन भी कराया जाएगा। श्री तोमर ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए नैनो उर्वरकों के प्रयोग करने की सलाह दी, साथ ही किसानों को अंधाधुन रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से बचने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ ग्रामीण समाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी हैं।
इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिया हुआ मंत्र “सहकार से समृद्धि” आज देश के कोने-कोने में सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा दे रहा है। देश में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद प्रधानमंत्री के ’’सहकार समृद्धि’’ संकल्प के साथ केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में देश में केंद्र सरकार ने बीज, ऑर्गेनिक और निर्यात के लिए तीन नई सहकारी समिति का गठन किया है, इस समिति के बारे में सभी को अवगत कराया।
ऐसे में यह पहल न केवल किसानों के स्वास्थ्य की चिंता को दर्शाती है बल्कि समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
आँखों की रोशनी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि आज भारत से नैनो यूरिया का निर्यात विश्व के लगभग 40 देशों में किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।भारतीय कृषि आज एक बड़े सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। इफको द्वारा विकसित नैनो उर्वरक हमारे किसानों को नई शक्ति प्रदान कर रहे हैं और कृषि को अधिक उत्पादक, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है। किसानों की मदद के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में मार्केटिंग डायरेक्टर, इफको एवं अध्यक्ष भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड नई दिल्ली डॉ. योगेंद्र कुमार ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है और इफको किसानों की संस्था है और हमेशा किसानों को नई-नई उन्नत उपकरण, बीज एवं खाद उपलब्ध कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने मृदा में घटते जीवाश्म अंश पर चिंता जताई एवं किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, सागरिका एवं जैव उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी, जिससे मिट्टी और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के साथ ही खेती में लागत को कम किया जा सके, साथ ही गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद प्राप्त हो सके।