दिल्ली हाई कोर्ट ने उदय भानु चिब की जमानत पर से रोक हटाई

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नई दिल्ली, 02 मार्च । दिल्ली उच्च न्यायालय ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान अर्धनग्न प्रदर्शन करने के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली जमानत पर सेशंस कोर्ट की रोक को हटा दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने कहा कि सेशंस कोर्ट ने बिना किसी आधार के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगायी।

सुनवाई के दौरान चिब के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इसको दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी। लूथरा ने कहा कि सेशंस कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के परविंदर सिंह खुराना के फैसले की गलत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सेशंस कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही आदेश पारित कर दिया। दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में दाखिल याचिका की प्रति भी उपलब्ध नहीं करायी। लूथरा ने सवाल किया कि क्या चिब याचिका की प्रति पाने के भी हकदार नहीं हैं, ये आश्चर्यजनक है।

28 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब को 50 हजार के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चिब को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और अपने इलेक्ट्रॉनिक गजट जमा करने का निर्देश दिया था। इसके पहले 24 फरवरी को कोर्ट ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक चिब ने इस प्रदर्शन की साजिश रची और प्रदर्शन करने वालों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए।

साेमवार काे ही पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में नौ युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने 27 फरवरी को युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दे दी थी।