सीमा से सटे विराटनगर के सीडीओ कार्यालय के पास मिला बम, सेना ने किया डिफ्यूज, बढ़ाई गई सुरक्षा

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अररिया,03 मार्च। नेपाल में जेन जी आंदोलन में सत्ता परिवर्तन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी,जिसके सामने देश में विधि व्यवस्था सुधारने से लेकर छह माह के भीतर चुनाव कराना सबसे बड़ा लक्ष्य था। नेपाल की जीवन पटरी पर लौटने के बाद चुनाव की तिथि घोषणा की गई और 5 मार्च को चुनाव है,जबकि नेपाल के तराई के इलाकों में कई स्थानों पर आज रंगों का पर्व होली मनाया जा रहा है लेकिन चुनाव से ठीक पहले अररिया के जोगबनी सीमा से सटे नेपाल के विराटनगर में चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर अर्थात सीडीओ कार्यालय के पास मंगलवार सुबह सुबह बम मिला। सीडीओ कार्यालय के पास बम मिलने से हड़कंप मच गया।

बम की सूचना के बाद नेपाल पुलिस और सेना के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर इलाके को पूरी तरह से खाली कराया। सेना की बम निरोधक दस्ता ने भी मौके पर पहुंचकर बम को डिफ्यूज किया। बम काले रंग के बैग में सड़क के किनारे पैदल पथ पर रखा हुआ था। बम निरोधक दस्ता के बम को डिफ्यूज किए जाने के बाद नेपाल पुलिस और सेना के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

उल्लेखनीय हो कि नेपाल में 5 मार्च को चुनाव है। चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विधि व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है,जिस नेपाल में सूरज अस्त नेपाल मस्त वाली कहावत कही जा रही थी, वहां शराब की बिक्री और पीने पर रोक लगा दिया गया है। चार से अधिक समूह में बिना अनुमति के परिचालन पर प्रतिबंध लगा है। वहीं चुनाव से 72 घंटे पहले भारत नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। बॉर्डर पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।बड़ी संख्या में बॉर्डर पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने बलों की तैनाती कर रखी है।

दूसरी ओर होली के मौके पर चुनाव की घोषित तिथि को लेकर भी नेपाल की जनता सवाल खड़ी कर रही है और बिना किसी रणनीति और धार्मिक पर्व को ध्यान में रखकर चुनाव की तिथि की घोषणा पर अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और निर्वाचन विभाग पर सवाल खड़ा कर रही है।