जयपुर, 03 फ़रवरी । खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के करीब 4.40 करोड़ लाभार्थियों को पूरा राशन और सही तौल मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विधिक मापविज्ञान अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में लाभार्थियों के हक से समझौता नहीं होना चाहिए।
मंत्री गोदारा ने कहा कि एनएफएसए के तहत राशन वितरण में सही तौल सुनिश्चित करना विभाग का दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यदि तौल में गड़बड़ी पाई गई तो उसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी उचित मूल्य दुकानों पर लगे तौलन यंत्रों का चार फरवरी 2026 से सत्यापन अभियान शुरू किया जाएगा।
इस अभियान के तहत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई पोस मशीन से लिंक तौलन मशीनों का विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं विधिक मापविज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के नियम 27 (2 सी) के तहत सत्यापन किया जाएगा।
एक माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान में जिला रसद अधिकारी ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सत्यापन शिविर आयोजित करेंगे। इन शिविरों में विधिक मापविज्ञान अधिकारी उचित मूल्य दुकानों पर स्थापित तौलन यंत्रों का सत्यापन और मुद्रांकन करेंगे।
तौलन यंत्रों की आपूर्तिकर्ता फर्मों द्वारा सत्यापन के लिए आवेदन एवं निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
खाद्य मंत्री ने सभी जिला रसद अधिकारियों, विधिक माप विज्ञान अधिकारियों तथा राजस्थान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड को निर्देश दिए कि तौलन यंत्रों के सत्यापन का कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश के हर पात्र परिवार को उसका पूरा हक मिल सके।
इस अभियान से राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन का भरोसा मजबूत होगा।