नैनीताल, 10 फ़रवरी । नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने गुलदार की खाल और हड्डियों की तस्करी के मामले में बागेश्वर जनपद निवासी आरोपित महेश कपकोटी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय ने मामले को अत्यंत गंभीर प्रकृति का मानते हुए कहा कि यह अपराध वन्य जीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है।
अभियोजन के अनुसार बीते माह 9 जनवरी 2026 को वन विभाग और पुलिस की एसटीएफ कुमाऊँ यूनिट की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर नैनीताल के पंगूट रोड स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास कार्रवाई कर महेश कपकोटी पुत्र जसोद सिंह कपकोटी, निवासी सुलई देव, थाना कपकोट, जिला बागेश्वर को अभिरक्षा में लिया। आरोपित के पास मौजूद थैले से दो गुलदार की खालें और 4.350 किलोग्राम हड्डियां बरामद की गईं।
पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह यह सामग्री कपकोट से भुवन चंद्र जोशी से लेकर बेचने के उद्देश्य से लाया था और ग्राहक की प्रतीक्षा कर रहा था। बरामद खालें और हड्डियां वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित एवं दुर्लभ प्राणी गुलदार से संबंधित पाई गईं। अभियोजन के अनुसार बरामद सामग्री का मूल्य लाखों रुपये आंका गया है, जो अपराध की व्यावसायिक और संगठित प्रकृति को दर्शाता है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित के पास संरक्षित वन्य जीव के अंगों का अवैध रूप से रखा जाना गंभीर अपराध है। न्यायालय ने इन तथ्यों से सहमत होते हुए आरोपित की जमानत अर्जी धारा 9/51, 39(3)/51, 44/51, 48ए/51 और 49बी/51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत खारिज कर दी।