हरिद्वार, 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की ससुराल कनखल स्थित तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित 31 वें महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भगवान शिव की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई।
मंदिर प्रांगण से आरंभ हुई शिव बारात का शुभारंभ नगर विधायक मदन कौशिक और मंदिर के श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने किया। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिव बारात पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई।
महोत्सव का शुभारंभ एक दिन पूर्व विश्व शांति यज्ञ के साथ हुआ था। दूसरे दिन शिव बारात का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को यज्ञ की पूर्णाहुति, संत सम्मेलन और भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा।
महंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव स्वयं माता सती का विवाह करने कनखल नगरी आए थे। उनके साथ भूत-प्रेत, देव-दानव, किन्नर, यक्ष और पिशाच बाराती के रूप में शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज की शिव बारात में भूत-प्रेतों की झांकी उसी दिव्य दृश्य की स्मृति को सजीव करती प्रतीत होती है।
उन्होंने कहा कि कनखल नगरी अत्यंत पवित्र है, जहां भगवान शिव की बारात और राजा दक्ष के यज्ञ से जुड़ी पौराणिक घटनाएं घटित हुईं। इस कारण यहां का कण-कण शिवमय माना जाता है।
ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों के साथ निकली शिव बारात में श्रद्धालु शिवभक्ति में लीन नजर आए। बारात मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई व श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। शिव बारात में भगवान शिव के गणों और भूत-प्रेतों की झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।