उत्तरकाशी, 18 फरवरी । उत्तरकाशी के कोट बंगला और अपर यमुना वन प्रभाग सहित टोंस वन प्रभाग के क्रू स्टेशनों में फायर सीजन के मद्देनजर वनाग्नि नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में वन विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से वनाग्नि की रोकथाम के व्यावहारिक अभ्यास किए।
वन क्षेत्राधिकारी टकनौर रेंज, मुख्य रेंज और गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और अग्नि रेखाओं के महत्व के बारे में जानकारी दी। डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि अभ्यास का उद्देश्य फायर वॉचरों को सुरक्षित रखते हुए बहुमूल्य वन संपदा बचाने का प्रशिक्षण देना था।
जिले भर में आयोजित मॉक अभ्यास में बग्याल गांव,गंगोत्री नेशनल पार्क गंगोत्री क्षेत्र, गोविंद वन्य जीव विहार के अंतर्गत नुराणु,टोंस वन प्रभाग के पुरोला,अपर यमुना वन प्रभाग के दोबाटा तथा हिना अंतर्गत जामक गांव शामिल थे। इस दौरान वन विभाग की टीम,फायर सर्विस,पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा क्यूआरटी टीम और लोक निर्माण, स्वास्थ्य,पशुपालन सहित अन्य विभागों ने भाग लिया। काल्पनिक रूप से 8 लोग और 2 पशु घायल हुए जिन्हें उपचार दिया गया और 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने वन विभाग,एसडीआरएफ और फायर सर्विस के कर्मचारियों को संयुक्त प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए और संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण करने और सभी फायर उपकरणों को क्रियाशील रखने के निर्देश वन और अग्निशमन विभाग को दिए।
आपदा कंट्रोल रूम में प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी,एसडीएम देवानंद शर्मा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान एसडीओ रितु ध्यानी, वन क्षेत्र अधिकारी डुंडा पूजा चौहान,वन दरोगा सुभाष अवस्थी,रितु भण्डारी,राहुल पंवार,सौरभ रावत और दिवाकर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।