नई दिल्ली, 26 फरवरी । उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वो विशेषज्ञों की राय लेगी कि क्या अरावली इलाके में खनन की इजाजत दी जा सकती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से विशेषज्ञों का नाम सुझाने को कहा।
कोर्ट ने कहा कि वो विशेषज्ञों से पूछेगी कि अगर अरावली इलाके में खनन की इजाजत दी जा सकती है, तो किस हद तक। साथ ही इसकी मानीटरिंग कौन करेगा। कोर्ट ने मामले में पेश वकीलों से भी कहा कि वे कमेटी बनाने के लिए विशेषज्ञों का नाम सुझाएं। कोर्ट विशेषज्ञों की राय का पूरी तरह आकलन करेगा, जिसमें अरावली हिल्स और अरावली रेंज की परिभाषा 100 मीटर की ऊंचाई की सीमा का असर शामिल होगा। कोर्ट इस बात पर भी विचार करेगा कि क्या पहाड़ियों के बीच 500 मीटर के अंतराल में पर्यावरण का नुकसान किए बिना नियंत्रित खनन की इजाजत दी जा सकती है।
कोर्ट ने साफ किया कि अरावली को लेकर पहले दिए गए उस आदेश पर लगी रोक जारी रहेगी, जिसमें 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली मानने की बात कही गई थी।