सारण, 06 फ़रवरी ।समाहरणालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में ‘मृदा स्वास्थ्य उर्वरता प्रबंधन योजना’ से संबंधित जिला कार्यकारिणी समिति की बैठक आज हुई। बैठक में जिले के कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों को उनके खेत की मिट्टी की जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान सहायक निदेशक रसायन, मिट्टी जांच प्रयोगशाला द्वारा सूचित किया गया कि मकेर प्रखंड में पहले से ही प्रयोगशाला कार्यरत है। अतः शेष सभी 19 प्रखंडों में नई मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी हैं। इन प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए सरकार द्वारा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार इन 19 प्रखंडों में प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु कुल 45 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योग्य उम्मीदवारों का चयन पारदर्शी तरीके से करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।
सभी 45 आवेदकों की औपबंधिक मेघा सूची तुरंत तैयार कर जिले की आधिकारिक वेबसाइट तथा सभी कृषि कार्यालयों के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाए। सूची प्रकाशन की तिथि से अगले 7 दिनों तक का समय दावा-आपत्ति के लिए निर्धारित किया गया है। यदि किसी आवेदक को सूची या प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है, तो वे निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष रख सकते हैं। प्राप्त आपत्तियों के निष्पादन के पश्चात जिला कार्यकारिणी समिति की पुनः बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चयन सूची पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक रसायन मिट्टी जांच प्रयोगशाला सहित कृषि विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर उर्वरता प्रबंधन को बेहतर बनाना है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।