जयपुर, 25 फ़रवरी । राजधानी में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 के तहत जयपुर पश्चिम जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जनवरी और फरवरी माह के दौरान ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की 1.43 करोड़ रुपये की राशि बैंक खातों में होल्ड करवाई है, वहीं 62 लाख रुपये से अधिक की राशि रिफंड करवाकर पीड़ितों को राहत दी है।
डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि साइबर सेल प्रभारी अनिल कुमार के सुपरविजन में प्रभावी कार्रवाई की गई। साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कुल 1,42,56,748 रुपये होल्ड किए गए और 62,19,322 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस लौटाए गए। डीसीपी ने बताया कि अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’, सीबीआई-सीआई की धमकी और फर्जी ऐप के जरिए लोगों को झांसे में लेते हैं। समय पर सूचना मिलने से ट्रांजेक्शन को बीच में ही रोककर राशि सुरक्षित की जा सकी।
पुलिस ने सीईआईआर (सीईआईआर) पोर्टल और थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 201 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 38.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर रही है।
कार्रवाई के दौरान चित्रकूट थाना पुलिस ने कैश जीतो’ नाम से अवैध ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह के पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देकर युवाओं को जाल में फंसाता था। पुलिस ने आमजन से ऐसे फर्जी निवेश और सट्टे के विज्ञापनों से दूर रहने की अपील की है।
वहीं अभियान के तहत केवल कार्रवाई ही नहीं,बल्कि जागरूकता पर भी जोर दिया गया। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं और नागरिकों को साइबर सुरक्षा के टिप्स दिए गए।