एनजीटी टीम के सदस्यों ने देखी गायत्री गंगा की दुर्दशा

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हमीरपुर, 04 फरवरी । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे बुधवार को एनजीटी की दो सदस्यीय टीम ने प्रशासनिक अमले के साथ कस्बे से गुजरी गायत्री गंगा के अतिक्रमण एवं प्रदूषण का अवलोकन किया। इसके बाद टीम चंद्रावल नदी देखने के लिए मौदहा के लिए रवाना हो गई।

सुमेरपुर कस्बे के समाजसेवी राजेश शिवहरे ने कस्बे से गुजरी गायत्री गंगा के अतिक्रमण एवं प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने नदी को अतिक्रमण एवं प्रदूषण से मुक्त करने की मांग की है। एनजीटी ने सुनवाई करते हुए दो सदस्यीय टीम को भेज कर स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तलब की है। इसी को लेकर बुधवार को एनजीटी के सदस्य हरीश कुमार महावर एवं डॉ. कीर्ति वर्मा ने कस्बे से गुजरी गायत्री गंगा का अवलोकन करके रिपोर्ट तैयार की है।

मीडिया से बातचीत के दौरान एनजीटी के सदस्य हरीश कुमार महावर ने कहा कि गायत्री गंगा प्रदूषण एवं अतिक्रमण की शिकार है। रिपोर्ट जल्द दाखिल कर दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य, बीडीओ आशीष कटियार के अलावा वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। इसके बाद टीम हाल में पुनरुद्धार की गई चंद्रावल नदी के अवलोकन के लिए मौदहा के लिए रवाना हो गई। याचिकाकर्ता राजेश शिवहरे ने बताया कि टीम एवं अधिकारियों ने उन्हें मौके पर नहीं बुलाया है। जिससे वह अपना पक्ष नहीं रख पाए हैं। अब अगली सुनवाई नौ मार्च को होनी है।जिसमें वह अपना पक्ष ट्रिब्यूनल में जाकर रखेंगे।