पानीपत, 27 फ़रवरी । पानीपत के बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में कोर्ट ने पांच साल बाद अपना फैसला सुनाया है। न्यायाधीश आरके मेहता की कोर्ट ने पत्नी, साली और सास की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी नूरहसन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए दोषी पर जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
साथ ही साक्ष्य मिटाने की धारा के तहत तीन साल की कैद और पांच हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला पांच साल पहले का है। पुलिस पूछताछ और अदालती कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि नूरहसन अपनी पत्नी मधु के चरित्र पर शक करता था। चार सितंबर 2020 को पत्नी के साथ विवाद और साली मनीषा द्वारा पुलिस में शिकायत करने की धमकी के बाद नूरहसन ने बदला लेने की साजिश रची थी। पांच
सितंबर 2020 की रात नूरहसन ने अपनी पत्नी मधु और साली मनीषा को पेप्सी में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। जब वह बेसुध हो गईं, तो आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार कर दोनों की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने पत्नी के शव को रेलवे लाइन के पास जला दिया और साली के शव के साथ रेप करने के बाद उसे गंदे नाले में फेंक दिया।
हत्या का सिलसिला यहीं नहीं रुका। जब आरोपी की सास जमीला ने अपनी बेटियों के बारे में पूछताछ की, तो आठ सितंबर 2020 की रात नूरहसन उसे भी समझाने के बहाने बाइक पर ले गया और रास्ते में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। उसने अपनी सास के शव के साथ भी दरिंदगी की और पहचान छुपाने के लिए उसे पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।