चंडीगढ़, 11 फ़रवरी । हरियाणा के राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत की दिशा में एक संरचनात्मक रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वार्षिक लेखा-जोखा नहीं बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति, आत्मनिर्भरता का ठोस खाका है। बुधवार को राज्य सभा की कार्यवाही में भाग लेने के बाद कार्तिकेय शर्मा ने चंडीगढ़ में जारी बयान में बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पूंजीगत व्यय 4.5 गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। 2014 में जहां राजमार्ग निर्माण की गति 12 किमी प्रतिदिन थी, आज यह बढ़कर 34 किमी प्रतिदिन हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 2014 के 1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 10 लाख करोड़ हो गया है और भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। शर्मा ने लगभग चार लाख करोड़ के कृषि, डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रावधान को ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने हरियाणा का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र के बजट से हरियाणा को कई योजनाओं में सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा 24 फसलों पर एमएसपी प्रदान करता है, जो केंद्र और राज्य के प्रभावी समन्वय का प्रमाण है। क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी और पशु चिकित्सा कॉलेजों का विस्तार डेयरी किसानों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने 16वें वित्त आयोग के तहत हरियाणा को 20,772 करोड़ के टैक्स डिवोल्यूशन और अन्य निवेशों के लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने हरियाणा में चलाए जा रहे एआई-सक्षम “नमो शक्ति रथ” पहल का उल्लेख किया, जो बड़े स्तर पर महिलाओं की स्तन कैंसर जांच कर रहा है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ तकनीक के माध्यम से जमीनी स्तर तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का उदाहरण बताया। उन्होंने हरियाणा द्वारा स्थापित “डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर अफेयर्स” को सहकारी संघवाद और भविष्य-दृष्टि का उदाहरण है।