पलामू, 10 फ़रवरी । नगर निकाय चुनाव को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन के दावे जमीनी हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं। जिले के हुसैनाबाद क्षेत्र में कई प्रत्याशी खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए सार्वजनिक स्थल और निजी मकान की दीवारों पर बैनर-पोस्टर लगाकर चुनाव प्रचार में जुटे हैं।
निजी मकान की दीवारें, मुख्य सड़कें और यहां तक कि रेलवे ओवर ब्रिज की दीवारें भी प्रचार सामग्री से पटी नजर आईं, जबकि नियमों के तहत सार्वजनिक संपत्तियों पर प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित है। हैरानी की बात यह है कि आदर्श आचार संहिता कोषांग मानो निष्क्रिय पड़ा है, जबकि प्रशासन की नजर मुख्य रूप से मीडियाकर्मियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर ही केंद्रित दिख रही है।
हाल ही में एक यूट्यूब चैनल के एंकर सह संचालक पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया, जिससे यह संदेश गया कि मीडियाकर्मियों को भयभीत कर चुनाव संपन्न कराने की कोशिश की जा रही है।
मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी अजय भारती का बैनर रेलवे ओवर ब्रिज पर लगाए जाने का मामला सोशल मीडिया में वायरल हुआ, इसके बाद प्रत्याशी ने स्वयं बैनर हटवा लिया, लेकिन निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों की आंखों से यह उल्लंघन ओझल ही रहा।
इतना ही नहीं नगर पंचायत क्षेत्र में सुरेंद्र प्रसाद की पत्नी मीरा देवी के बाउंड्री की दीवारों पर भी बिना सहमति के अध्यक्ष प्रत्याशी अजय भारती और पवन चौधरी का चुनावी पोस्टर चिपकाया गया है।
प्रशासनिक सुस्ती से ऐसा प्रतीत होता है मानो आचार संहिता का पालन कराना मीडियाकर्मियों का ही कर्तव्य रह गया हो।