निगम की हठधर्मिता: जेडीए 10 साल से कर रहा सीवरेज की गदंगी साफ

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ने जगतपुरा के आस-पास की कॉलोनियों में कई साल पहले सीवरेज लाइन डाल दी, लेकिन निगम सीवरेज लाइन की व्यवस्था सम्भालने से डर रहा है। जेडीए ने सीवरेज लाइन डाल दी, लेकिन निगम के दूरी बनाने के कारण पहली बार जेडीए को सीवरेज लाइन के साफ-सफाई का काम करना पड़ रहा है। जेडीए के पास सीवरेज लाइन की साफ सफाई के संसाधन व कर्मचारी नहीं है। जेडीए का काम शहर में आमजन से जुडी सुविधाओं का विकास करना है, लेकिन उनका संचालन व देखरेख का काम निगम का है।

जेडीए ने जगतपुरा के वार्ड नम्बर 117, 118, 119 सहित कई अन्य वार्डो में कई साल पहले सीवरेज लाइन डाली थी। इससे रामनगरिया, रामनगरिया विस्तार, महल स्कीम, ज्ञानविहार कॉलेज, ओबीसी एनक्लेव, ऑफिसर एनक्लेव, शिवम नगर, विनायक विहार सहित करीब 80 से अधिक कॉलोनियों को सीवरेज की समस्या से छुडकारा मिला था, लेकिन निगम की लापरवाही आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुई है। जेडीए कई बार निगम को सीवरेज लाइन की व्यवस्था संभालने को लेकर पत्र लिख चुका है। जेडीए और निगम के बीच पत्राचार का दौर साल 2016 से चल रहा है। इन कॉलोनियों में सीवरेज लाइन डालने का काम अलग-अलग फेज में किया गया था।

नगर निगम के पास सीवर सफाई से संबंधित मशीनरी यथा-सुपर सकर जैटिंग मशीन, सीवर मड पम्प एवं निपुण सफाई कर्मचारी आदि मय स्टॉफ सहित सभी संसाधन उपलब्ध है। इन कॉलोनियों में जेडीए अधिकारी आमजन को सीवरेज की समस्या से राहत देने के लिए वर्तमान में निगम अधिकारियों और मशीनरी की ही मदद ले रहे है। जेडीए में इस तरह की कोई भी प्रकोष्ठ उपलब्ध नहीं है एवं सफाई से संबंधित मशीनरी भी उपलब्ध नहीं है जो कि सीवर सफाई के लिए अत्यन्त आवश्यक होती है। सीवर सफाई से संबंधित कार्य भी जयपुर नगर निगम द्वारा ही संपादित किए जाते है। जयपुर नगर निगम के किसी अन्य जोन से इस प्रकार के पत्राचार जयपुर विकास प्राधिकरण

से नहीं किए जाते है एवं शेष जोनों में जयपुर नगर निगम द्वारा सफाई कार्य संपादित किए जा रहे है। जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी विभाग द्वारा पेयजल के मासिक बिलों में सीवरेज चार्ज वसूला जाता है जिसका भुगतान जयपुर नगर निगम को सीवरेज के संधारण इत्यादि कार्यों के लिए किया जाता है।

रामनगरिया, महल स्कीम सहित जगतपुरा के आस-पास सीवरेज लाइन के पानी से खेती की जा रही है जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सीवरेज के पानी से खेती को लेकर आमजन ने कई बार जिला प्रशासन और पुलिस को शिकायत की गई, लेकिन जगतपुरा व उसके आस-पास के इलाकों में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीवर लाइनों पर इंजन पम्प लगाकर जल को खेती कार्य के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।

निगम द्वारा चार्ज नहीं लेने पर जेडीए ने सीवरेज लाइन व्यवस्था को संभालने के लिए अलग ही व्यवस्था की है। इन कॉलोनियों की सीवरेज लाइन की सफाई सहित अन्य काम के लिए जेडीए ने एक कम्पनी को 3 साल का टेंडर दिया है। इस काम के लिए जेडीए करीब 110 लाख रुपये खर्च करेगा। इसमें कम्पनी मेन हॉल की सफाई, मेन हॉल का ढक्कन, मशीनरी, पाइप लाइन टूटने पर मरम्मत सहित अन्य काम करेगी। जरुरत पडऩे पर जेटिंग सहित अन्य मशीनरी जेडीए या ठेकेदार निगम से ही मंगवाते है, क्योंकि इन मशीनरी को खरीदना महंगा पड़ता है।

इस संबंध में जेडीए के डायरेक्टर (इंजीनियरिंग) देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि जगतपुरा में सीवरेज लाइन डालने के बाद मेटेनेंस और साफ-सफाई का काम जेडीए कर रहा है। जेडीए के पास सीवरेज सफाई के संसाधन नहीं है। जब निगम से संसाधन मांगते है तो वे अपनी सुविधानुसार भेजते है। निगम को कई बार इस सीवरेज लाइन का चार्ज लेने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।

नगर निगम जयपुर जगतपुरा जोन के एक्सईएन जीतराम जाट ने बताया कि मैंने हाल ही में ज्वाइन किया है तो मुझे सीवर लाइन के चार्ज लेने या नहीं लेने सम्बंधी जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी कर ही आपको बता पाउंगा।