बिजनौर, 12 फरवरी | उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के औद्योगिक, पर्यटन एवं विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आईआईए के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस भेंट में जनपद में इंडस्ट्रियल कारिडोर की स्थापना करने के साथ महाभारत कालीन विदुर आश्रम पर गंगा की धारा को पुनर्जीवित किये जाने तथा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की मांग की गई।
यह भेंट बिजनौर प्रभारी मंत्री, कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नेतृत्व सम्पन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल में आईआईए डिविजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल तथा आईआईए बिजनौर चैप्टर चेयरमैन अवनीश अग्रवाल मौजूद रहे| विकास अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव ज़ोन को शीघ्र अधिसूचित किए जाने की मांग की गई है जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिले एवं स्थानीय रोजगार सृजित हो।
इसके अलावा विदुर कुटी को धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव, ताकि इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके तथा पूर्व में घोषित गंगा की धारा (तट विकास) परियोजना एवं संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना के शीघ्र क्रियान्वयन कराने व गुड़ एवं खांडसारी निर्माण इकाइयों से संबंधित मंडी समिति के लंबित मुद्दों के समाधान तथा समाधान योजना को प्रभावी रूप से लागू किए जाने का अनुरोध भी किया गया है| उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया तथा सुझावों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है|