गुरुग्राम, 06 फरवरी । बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गुरुग्राम के विभिन्न विभागों द्वारा वर्ष 2026 के लिए तैयार विस्तृत एनुअल एक्शन प्लान पर कार्य शुरू हो गया है। इस योजना में सडक़ धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों का प्रबंधन और शहरी ट्रैफिक सुधार जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य 2026 तक वायु गुणवत्ता में सुधार लाना और पीएम 10 व पीएम 2.5 के स्तर में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित करना है।
इस बारे में शुक्रवार को नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में संबंधित विभागों की मासिक समन्वय बैठक हुई, जिसमें वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के तहत की जा रही कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जीएमडीए, नगर निगम, पुलिस, जीएमसीबीएल, एचएसपीसीबी, एचएसवीपी, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, एनएचएआई आदि विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार शहर में 2021-2024 के औसत स्तर की तुलना में 2026 तक पीएम 10 और पीएम 2.5 में 10 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
33 जाम बिंदुओं की पहचान, चरणबद्ध सुधार
शहर में 33 प्रमुख ट्रैफिक जाम स्थलों की पहचान करके कई स्थानों पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कार्य की योजना के तहत काम शुरू किया गया है। कुछ स्थानों पर सिग्नल सुधार, लेन प्रबंधन और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े स्थानों पर फ्लाईओवर और बड़े ढांचागत विकास प्रस्तावित हैं। इसके अलावा गुरुग्राम में प्रतिदिन लगभग 1500 टन सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न होता है, जबकि मौजूदा प्रसंस्करण क्षमता 1200 टन प्रतिदिन है। इस अंतर को कम करने के लिए नई सीएंडडी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने, रिसाइकल्ड निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने, सरकारी परियोजनाओं में प्रोसेस्ड मटेरियल अनिवार्य करने की पहल आदि से खुले में मलबा फेंकने और उससे उडऩे वाली धूल को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सडक़ धूल को वायु प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए 2026-27 के दौरान सेंकड़ों किलोमीटर सडक़ों के पुनर्विकास की योजना बनाई गई है। इसमें टूटी व कच्ची सडक़ों का पक्का निर्माण, रोड एज का सुदृढ़ीकरण, नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग और धुलाई आदि कार्य किए जाएंगे। नगर निगम के अधीन लगभग 600 किमी सडक़ों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत मासिक लक्ष्य भी तय किए गए हैं। शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पहले से लागू है, जिसमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) और ऑटोमैटिक चालान प्रणाली शामिल है। दूसरे चरण में 258 स्थानों पर 2722 कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे ट्रैफिक अनुशासन और प्रदूषण नियंत्रण दोनों में मदद मिलेगी।