इंदौर की घटना के बाद मंदसौर में 205 पानी के सेम्पलों की जांच, सभी हुए पास

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मंदसौर, 06 फ़रवरी । मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथ पुरा में दूषित पानी पीने से मारे गये लोगों के घटनाक्रम के बाद मंदसौर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने विभिन्न स्तोत्रों से आये 205 पानी के सेम्पलों की जांच की। जांच में सभी 205 सेम्पल पास हुए और पानी पीने योग्य बताया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जितने भी पानी के सेम्पलों की जांच की है उसमें एक भी पानी का सेम्पल अयोग्य नहीं पाया गया।

जिला कलेक्टर अदिति गर्ग के निर्देशन व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रदीप गोगादे के मार्गदर्शन में जिले में 1 जनवरी से लेकर 4 फरवरी 2026 तक पानी के सेम्पलों की जांच की गई है। कार्यपालन यंत्री प्रदीप गोगादे ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के विभागीय स्थापित स्त्रोत हेण्ड पम्प और नलकूप के कुल 140 सेम्पल लिये गये जिनकी जांच की गई सभी सेम्पल योग्य पाये गये वहीं जिले की विभिन्न नगर पालिका, परिषदों से 65 पानी के सेम्पल प्राप्त हुए थे जिनकी भी जांच की गई, जांच उपरांत यह सभी सेम्पल भी मानक पाये गये।

गोगादे ने बताया कि सभी सेम्पलों की जांच जिला स्तरीय जल परिक्षण प्रयोगशाला एनएबीएल नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज के तहत हुई है। इसकी सुविधा हमारे यहां ही उपलब्ध है। सभी स्तोत्रों के परिक्षण में रासायनिक एवं जिवाणु परिक्षण में किसी भी स्तोत्र में पेयजल अशुद्ध नहीं पाया गया है सभी पानी पीने योग्य पाया गया है। विभाग के सभी स्तोत्रों में अनवरत रूप से क्लोरिनेशन किया जा रहा है।

16 पैरामीटर पर की गई जांच

श्री गोगादे ने बताया कि पानी की जांच के विभिन्न पैरामीटर होते है लेकिन मुख्य रूप से 16 पैरामीटर पर पानी की जांच की जाती है कि किसी भी स्तोत्र का पानी पीने योग्य है या नहीं हमारे यहां जो भी पानी का सेम्पल आता है उसकी जांच और गुणवत्ता का स्तर देखने के लिए एनएबीएल लैब में 16 पैरामीटर पर जांच की जाती है।