जयपुर, 21 फ़रवरी । खाटूश्याम जी मंदिर में विश्व प्रसिद्ध फाल्गुनी लक्खी मेले का शुभारंभ शनिवार से हो गया। आठ दिवसीय यह मेला 28 फरवरी तक आयोजित होगा। जिला प्रशासन और श्याम मंदिर कमेटी ने इस बार करीब 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर सुरक्षा और सुगम दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
फाल्गुनी मेले के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर श्रद्धालुओं को बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि सभी श्रद्धालुओं को श्री खाटू श्याम लक्खी मेला के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं! श्रद्धा और विश्वास का यह संगम हर भक्त के जीवन में खुशियां लेकर आए। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मौके पर शुभकामनाएं व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि लखदातार, शीश के दानी खाटूश्यामजी के पावन फाल्गुनी लक्खी मेले के शुभारंभ की समस्त श्रद्धालुओं को अनंत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।
मेले के अवसर पर बाबा श्याम के दरबार को अलौकिक रूप दिया गया है। करीब 120 बंगाली कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और भव्य रोशनी से सजाया है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार सिंहद्वार पर भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रतिमा के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। श्रद्धालु चारण मेला मैदान, लखदातार मैदान और 40 फीट के नवीन रास्ते से होकर 14 अलग-अलग जिग-जैग लाइनों में लगकर बाबा के दर्शन करेंगे।
मेले के दौरान किसी भी प्रकार के वीआईपी दर्शन पर पूर्ण रोक रहेगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।
रींगस से खाटूधाम तक 17–18 किलोमीटर की यात्रा करने वाले पदयात्रियों के लिए 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल कॉरिडोर बनाया गया है। इससे वाहनों और पैदल यात्रियों के बीच टकराव की संभावना कम होगी। हालांकि विभिन्न मैदानों से होकर गुजरने के कारण पदयात्रियों को कुल मिलाकर लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ सकती है।
मेले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कई निर्देश जारी किए हैं। इसमें मेले में डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इत्र की शीशी और कांटेदार गुलाब के फूल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पदयात्रियों द्वारा लाए जाने वाले ‘निशान’ का आकार 8 फीट से अधिक नहीं होना चाहिए। खाटू कस्बे को पूर्ण रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2000 ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं, जिनका किराया 25 रुपये तय किया गया है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और क्यूआर कोड आधारित पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए की जा रही है।